आकाशवाणी, जोधपुर से आरंभ हुई उनकी रचनात्मक यात्रा उन्हें मुंबई और फिर न्यूयॉर्क ले गई। लंबे समय से वे हिन्दी पत्रकारिता और टेलीविजन से जुड़े हैं। समाचार-वाचन, साक्षात्कार और सांस्कृतिक संवादों के समानांतर साहित्य उनकी सृजन-यात्रा का केंद्र बना रहा। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में उन्हें भारत गौरव अलंकरण से सम्मानित किया गया।
