Malini Gautam

Malini Gautam

मालिनी गौतम समकालीन हिन्दी साहित्य की एक सशक्त कवयित्री के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण अनुवादक के रूप में विशिष्ट पहचान रखती हैं। मध्यप्रदेश के झाबुआ में जन्मी मालिनी गौतम वर्ष 1994 से गुजरात के संतरामपुर स्थित आदिवासी आर्ट्स एवं कॉमर्स महाविद्यालय में अंग्रेज़ी की एसोसिएट प्रो.फेसर हैं, किंतु उनका रचनात्मक योगदान हिन्दी साहित्य और गुजराती-हिन्दी अनुवाद के क्षेत्र में अत्यंत उल्लेखनीय है।

साहित्य अकादेमी से प्रकाशित उनकी चर्चित अनूदित कृति ‘गुजराती दलित कविता’ ने विशेष रूप से साहित्य जगत का ध्यान आकर्षित किया है। इस महत्वपूर्ण कार्य के माध्यम से उन्होंने गुजराती दलित काव्य की संवेदनाओं, संघर्षों और सामाजिक सरोकारों को हिन्दी पाठकों तक प्रभावपूर्ण ढंग से पहुँचाया। इस कृति के लिए उन्हें अमर उजाला का प्रतिष्ठित ‘भाषा बंधु’ शब्द सम्मान प्राप्त हुआ, जिसने उन्हें एक गंभीर और विश्वसनीय अनुवादक के रूप में स्थापित किया।

उनकी मौलिक कृतियाँ— चुप्पी वाले दिन, एक नदी जामुनी-सी आदि भी व्यापक रूप से चर्चित रही हैं। मालिनी गौतम का अनुवाद-कर्म केवल भाषा-परिवर्तन नहीं, बल्कि साहित्यिक संवेदना और सामाजिक यथार्थ को नए पाठक वर्ग तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।