मलविंदर सिंह का जन्म 31 मार्च 1958 को अमृतसर जिले के गांव छज्जलवड्डी में हुआ। उनकी माता चरण कौर तथा पिता जसवंत सिंह हैं। उन्होंने बी.एससी., बी.एड. तथा एम.ए. (पंजाबी) की शिक्षा प्राप्त की। वे एक संवेदनशील कवि, हाइकूकार तथा वार्तिक लेखक के रूप में पंजाबी साहित्य में अपनी अलग पहचान रखते हैं। उनके प्रमुख कविता संग्रहों में— गैरहाज़िर पैड़ां दी कथा, काया दे हर.फ, बिन सिरलेख, सवाल ना कर, सुपनिआ दा पिछा करदियां, चुप दे बहाने तथा बहर शामिल हैं। हाइकू संग्रह ‘चिड़ियों का पिंड’ और वार्तिक संग्रह ‘चुप दा मरहम पहचानिए’, ‘प्रवास दे सरोकार’ तथा ‘संवाद समीखिया’ भी पाठकों द्वारा सराहे गए हैं। उनकी कई पुस्तकें हिन्दी में अनूदित हो चुकी हैं, जिनमें— ‘मलविंदर की चुनिंदा कविताएँ’ और ‘चुप्पी के बहाने’ प्रमुख हैं। लाहौर (पाकिस्तान) से शाहमुखी लिपि में ‘चुप दे बहाने’ प्रकाशित हुई। बच्चों के लिए उन्होंने ‘फुलझड़ी’ नामक कविता संग्रह भी लिखा है।
उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए उन्हें श्री कंवर चौहान यादगारी पुरस्कार, कैनेडियन पंजाबी साहित्य सभा टोरंटो तथा पंजाबी लिखारी सभा बटाला द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। दूरदर्शन सहित अनेक चैनलों, समाचार-पत्रों और साहित्यिक पत्रिकाओं में उनके साक्षात्कार प्रकाशित और प्रसारित हो चुके हैं।
