शशि पाठक गृहिणी हैं। घर-गृहस्थी संभालते हुए उन्होंने शौकिया लेखन जारी रखा। उनकी कविताएँ, कहानियाँ एवं लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। लगभग पचास वर्षों के घरेलू जीवन के बाद उनका प्रथम काव्य-संग्रह ‘अंतर्संवाद’ प्रकाशित हुआ, जिसे ‘पहली पोथी’ सम्मान मिला।
