Vijay Kumar Tiwari

Vijay Kumar Tiwari

विजय कुमार तिवारी सुपरिचित कवि, कहानीकार, उपन्यासकार, समीक्षक और जीवनीकार थे। 1980 के दशक में पटना प्रवास के दौरान उनकी लेखन-यात्रा प्रारंभ हुई। 1990 के बाद लंबे समय तक साहित्य-लेखन से विराम रहने के पश्चात सेवानिवृत्ति के बाद वर्ष 2018-19 से उन्होंने पुन: सक्रिय लेखन आरंभ किया। उनकी प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें इस प्रकार हैं—
कहानी संग्रह : मि. ख का शहर, कोई दस्तक हुई, उजड़े प्यार का मसीहा, मेरी कहानियाँ तथा साझा संकलनों में ‘एक और आसमान’ और ‘कितने यातना शिविर’। कविता संग्रह : प्रेम में घायल लड़की और अन्य कविताएँ, पलकों में सोई रही प्यास तथा साझा संकलन ‘आस-पास की प्रतिध्वनियाँ’। आध्यात्मिक कृतियाँ : आत्माओं का ऋण और हमारे सम्बन्ध, सच्चिदानंद के सान्निध्य में (गुरुदेव की जीवनी), आत्माओं का ऋण, ईश्वरीय व्यवस्था और हमारी ऋण मुक्ति। समीक्षा पुस्तकें : उम्मीदों के कवि फूलचंद गुप्ता और उनकी कविताएँ : एक पड़ताल, समीक्षा के दायरे में आज की कविता, डॉ. हंसा दीप के कृतित्व पर विमर्श, समकालीन कहानियाँ : समीक्षा के दायरे में तथा प्रबोध कुमार गोविल : समीक्षा के साये।