गरिमा जोशी पंत, जयपुर, राजस्थान में जन्मीं, एक सशक्त साहित्यिक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने महारानी कॉलेज, जयपुर से जीव विज्ञान में स्नातक, राजस्थान विश्वविद्यालय से इतिहास में एम.ए. व एम.फिल, तथा इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय से बी.एड की शिक्षा प्राप्त की।
जयपुर व इंदौर के प्रतिष्ठित विद्यालयों में अध्यापन के साथ-साथ उन्होंने साहित्य सृजन में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी कहानियाँ, कविताएँ व आलेख प्रजातंत्र, हस्ताक्षर, कलम हस्ताक्षर, छाँह पत्रिका, अनुनाद, कृत्या, जानकीपुल जैसी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। जैको पब्लिकेशन्स, मुंबई के लिए दो पुस्तकों का अंग्रेज़ी से हिंदी में अनुवाद और वागीश वैश्विक लघुकथाएँ संग्रह में उनकी लघुकथा का प्रकाशन उनकी लेखन यात्रा की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हैं।
गरिमा को रमा मेहता राइटिंग ग्रांट 2023 में कहानी के लिए नामांकन, डॉ. प्रेम कुमारी नाहटा अखिल भारतीय कहानी प्रतियोगिता 2023 व 2024 में पुरस्कार, तथा वागीश अंतर्राष्ट्रीय संस्था, यू.ए.ई. द्वारा 2024 में पांडुलिपि पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
