Kamal Kishore Piplwa

Kamal Kishore Piplwa

कालू (बीकानेर) में जन्मे कमल किशोर पिपलवा हिन्दी-राजस्थानी के ऊरमावान कवि-निबंधकार हैं। विगत दो दशकों से हिन्दी-राजस्थानी भाषा की विविध विधाओं में लेखन।

शिक्षा : एम.ए. (अंग्रेजी, राजस्थानी, हिंदी); हिंदी में स्वर्ण पदक। बी.एस.टी.सी. (राज्य में प्रथम स्थान), बी.एड., एम.एड.। जेएनयू, दिल्ली की प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम स्थान।

साहित्यिक योगदान : राजस्थानी निबंध संग्रह ‘रोळी-मोळी’ की व्यापक सराहना। हिंदी रिपोर्ताज संग्रह शीघ्र प्रकाशन की प्रतीक्षा में। RSCERT, उदयपुर के सहयोग से प्राथमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम हेतु राजस्थानी शब्दावली निर्माण। आकाशवाणी पर रचनाओं का प्रसारण। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशन।

पुरस्कार-सम्मान : राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति अकादमी द्वारा मनुज देपावत प्रथम पुरस्कार। भत्तमाल जोशी प्रथम महाविद्यालय पुरस्कार। प्रयास संस्थान, चूरू द्वारा दुर्गेश युवा पुरस्कार।

अन्य : रामलीला में अभिनय, मंच संचालन, लोक गायन और प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु साक्षात्कार संचालन। साहित्यिक संगोष्ठियों, अकादमिक कार्यशालाओं और पत्रकारिता में सक्रिय सहभागिता।
रंगमंच से गहरा जुड़ाव।

सम्प्रति : राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गारबदेशर में हिंदी व्याख्याता।