पिता स्व. श्री बनवारी लाल घोड़ेला अर माता श्रीमती जैता देवी रै आंगणे 15 दिसम्बर 1961 नै जलम्या रामजी लाल घोड़ेला राजस्थानी अर हिन्दी रा चावा कवि, कथाकार, व्यंग्यकार अर बाल साहित्यकार है। राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र अर शिक्षा में स्नातकोत्तर घोड़ेला राजस्थान सरकार रै माध्यमिक शिक्षा विभाग मांय प्रधानाचार्य पद सूं सेवानिवृत हुय’र स्वतन्त्र लेखन कर रैया है। डॉक्टर अम्बेडकर राष्ट्रीय फैलोशिप, चन्द्रसिंह बिरकाली बाल साहित्य पुरस्कार, जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान 2018, राष्ट्र भाषा प्रचार समिति श्रीडूंगरगढ़ कानी सूं ‘राजस्थली सम्मान 2022’, बख्तावरदान जुगतावत स्मृति राजस्थानी साहित्य पुरस्कार 2024 डेह, नागौर, सृजन सेवा संस्थान श्रीगंगानगर कानी सूं ‘सृजन साहित्य सम्मान 2025’, केदारनाथ – भागीरथीदेवी कानोड़िया राजस्थानी भाषा बाल साहित्य सम्मान 2025 कोलकाता, समेत केई मान सम्मान सूं आदरीज्या घोड़ेला री रचनावां देश री नामी पत्रिकावां मांय छपती रैवै।
छप्योड़ी पोथ्यां : झबरको, राड़ आडी बाड़ (राजस्थानी काव्य), जादू रो चिराग, आस री किरण; (राजस्थानी बाल कहाणी संग्रै), जुगाड़ (राजस्थानी व्यंग्य संग्रै), मिट्टी के रंग – बच्चों के संग, सुनहरा उपवन मेरा, छुट्टी आई मौज करो (हिन्दी बाल कविता संग्रह), ‘शब्द प्रवाह’ (हिन्दी कविता संग्रह)।
