अजीत पाल सिंह दैया का जन्म राजस्थान के जोधपुर जिले के एक छोटे से गाँव मारवाड़ मथानिया में हुआ। उन्होंने एम.बी.एम. इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर से सिविल अभियांत्रिकी में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
अजीत का साहित्यिक रुझान बहुआयामी है। वे कविता, कहानी, लघुकथा, और उपन्यास जैसी विधाओं में निरंतर लेखन कर रहे हैं। अब तक उनके चार काव्य-संग्रह ‘अप्पो दीपो भव’, ‘फ़िलहाल’, ‘थोड़ा-सा इश्क़’ और ‘प्रेमम्’ प्रकाशित हो चुके हैं। साथ ही, उनका एक उपन्यास ‘Estranged’ और प्रेम कहानियों का संकलन ‘रूमान’ भी पाठकों द्वारा सराहा गया है। लेखन के अतिरिक्त उन्हें स्केचिंग, पेंटिंग और कार्टून बनाने का भी शौक है, जो उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को और भी समृद्ध करता है।
