बेगूसराय, बिहार में जन्मी दिव्या श्री पटना विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में परास्नातक कर रही हैं। कविताएँ लिखती हैं। अनुवाद में भी रुचि है। पटना, बिहार में रहती हैं। इनकी कविताएँ अंग्रेज़ी और बांग्ला भाषा में अनूदित हो चुकी हैं।
हिन्दी की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं एवं ब्लॉग्स पर कविताएँ और आलेख प्रकाशित। डिजिटल प्लेटफॉर्म हिंदवी के 2021-2022 में चयनित 21 कवियों की सूची में चयन। ‘बारहवाँ युवा द्वादश’ में कविताएँ प्रकाशित।
पहली कहानी ‘प्रेम गली अति सांकरी’ वेबज़ीन ‘शब्दांकन’ पर और ‘सिंगल मदर’ पाखी में प्रकाशित।
