हरियाणा के झज्जर जिले के गाँव छारा में 26 फरवरी को जन्मे, पूर्णत: ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े। हिन्दी और जनसंचार में स्नातकोत्तर, दोनों विषयों में पीएच.डी. और यूजीसी नेट।
दस वर्ष की उम्र में पहली रचना प्रकाशित हुई और तब से लेखन की यात्रा अनवरत जारी है। अब तक ग्यारह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
लेखन के साथ-साथ संपादन, अनुवाद, अध्यापन और प्रशासनिक कार्यों में गहरी रुचि है। समाचार-पत्रों में उपसंपादक और दिल्ली विधानसभा के संपादकीय अनुभाग में कार्य करते हुए उन्होंने विविध अनुभव अर्जित किए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में भागीदारी। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन और लेखन प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार। हिन्दी अकादमी, दिल्ली से ‘नवोदित लेखक पुरस्कार’ और दिल्ली विधानसभा से प्रशस्ति-पत्र।
वर्तमान में राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय, झज्जर में जनसंचार विभागाध्यक्ष के रूप
में कार्यरत हैं। पूर्णकालिक लेखन का सपना अभी अधूरा है, पर शब्दों के प्रति उनका समर्पण अटूट है।
