जलम : 2 जुलाई 1960 (फरारा महादेव, जिला-राजसमंद)
पिता : स्व. श्री किशन लाल
भणाई : एम.बी.बी.एस., एम.डी.(सामुदायिक चिकित्सा विज्ञान)
आजकालां : वरिष्ठ आचार्य, सामुदायिक चिकित्सा विभाग, अमेरिकन मेडिकल कॉलेज, उदयपुर। पूर्व वरिष्ठ आचार्य एवं राजभाषा सम्पर्क अधिकारी, आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर।
छप्योड़ी पोथ्यां : ज़.ख्म जब भी दो-चार भरते हैं (ग़ज़ल), सभी लाइनें व्यस्त (दोहा), मोजर-मूंछ्याँ (राजस्थानी-मेवाड़ी व्यंग्य लेख), छोटे बच्चे गोल-मटोल (बाल-कवितायें), सबै भूमि गोपाल की (दोहा), देख इधर भी ज़रा ज़िन्दगी (ग़ज़ल), अथ: श्री कोरोना कथा (विविध), पिकनिक पक्की संडे की (बाल-कवितायें), तीन बत्तियां-गेला च्यार(राजस्थानी बाळ कवितावां), बच्चों की किलकारी सुन लो (बाल कवितायें), थां तो घणो असाम्बो कीधो (राजस्थानी गजलां)
प्रकासण-प्रसारण : देश-विदेश री नरी पत्र-पत्रिकावां में रचनावां रो प्रकासण। दूरदर्शन अर आकाशवाणी सूं प्रसारण।
सम्मान : सांवर दइया पैली पोथी पुरस्कार (बीकानेर), श्री भगवती प्रसाद देवपुरा बाल साहित्य भूषण (श्रीनाथद्वारा), बाल साहित्य सृजक सम्मान, बाल साहित्य अकादमी (जयपुर)।
स्वैच्छिक रगतदान : अठा ताईं पच्चीस बार।
