डॉ. पूनम अटवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद की निवासी हैं। उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, भीलवाड़ा से स्कूली शिक्षा, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर से संगीत में स्नातकोत्तर, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से पीएच.डी. तथा यूजीसी-नेट उत्तीर्ण किया। शास्त्रीय संगीत की शिक्षा पंडित आनंद वैद्य जी (अजमेर) से ली।
वर्तमान में गुरुग्राम विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं। लोकसंगीत, शोध एवं शिक्षण के प्रति गहरा अनुराग रखती हैं। वे भारतीय संगीत की परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और लोकधरोहर को विद्यार्थियों व समाज तक पहुँचाने, लोकसंस्कृति के संरक्षण-संवर्धन तथा नई पीढ़ी को उससे जोड़ने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
उनका मानना है कि संगीत मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक चेतना को जोड़ने वाली शक्तिशाली ऊर्जा है। वे विद्यार्थियों को प्रेरित करती हैं कि संगीत को सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि समझें, आत्मसात करें और जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ।
