Madan Gopal Ladha

Madan Gopal Ladha

जलम महाजन, जिला बीकानेर में। कविता, कहाणी अर आलोचना में रुचि। अनुवाद ई व्हालो काम। नरेश मेहता री कविता जातरा रो आलोचनात्मक अध्ययन। शिक्षा विभाग, राजस्थान सारू डीअेलअेड पाठ्यक्रम अर उच्च प्राथमिक स्तर री हिंदी विषय री पाठ्यपुस्तकां रो समूह-सदस्य रै रूप में लेखन। प्रकाशन बोर्ड, असम सरकार सारू महताऊ जीवणी ‘असम रो रणबंको : लाचित बरफुकन’ रो संपादन। टीवी अर रेडियो सागै साहित्यिक पत्रकारिता सूं ई जुड़ाव।

छप्योड़ी पोथ्यां : राजस्थानी— ‘म्हारै पांती री चिंतावां’, ‘चीकणा दिन’ (कविता), ‘च्यानण पख’, ‘बीज, बंूटो अर चियां’ (कहाणी), ‘सपनै री सीख’, ‘दादीमा री लाडली’, ‘फाइव स्टार’, (बाल-कहाणी), ‘तिणकला अर पांख्यां’, ‘अखूट तासळो’, ‘रूपा हथणी’ (अनुवाद)
हिंदी— ‘होना चाहता हूं जल’, ‘सुनो घग्घर’ (कविता), ‘हरे रंग का मफलर’ (कहाणी), ‘आंखों में आकाश’ (बालकथा), ‘रक्त में घुली हुई भाषा’ (अनुवाद), ‘भारतीय साहित्य के निर्माता : नानूराम संस्कर्ता’ (विनिबंध)