Prof. Anita Verma

Prof. Anita Verma

जन्म : कोटा, राजस्थान
शिक्षा : एम.ए., पीएच.डी.

शोध निर्देशक : कोटा विश्वविद्यालय, कोटा (6 पीएच.डी. अवार्ड,
3 शोधरत)।

पुस्तकें : दर्पण झूठ ना बोले (2012), शचीन्द्र उपाध्याय : कथा साहित्य में संवेदना और शिल्प (2017), राजस्थान साहित्य अकादमी मोनोग्राफ-87, बोलती आँखें (काव्य, 2022), झाँकती खिड़कियाँ (लघुकथा, 2023), सबद निकाळो तोल (राजस्थानी दूहा, 2024)।

संपादन : कथा कलशों के शिल्पकार विजय जोशी (2018), समाज द्रष्टा साहित्यकार रत्नकुमार सांभरिया भाग-2 (2020)।

अन्य : हंस, कथादेश, मधुमती, वनमाली आदि में कहानी, कविता, लघुकथा, आलेख; जनसत्ता, दैनिक भास्कर में लेख; आकाशवाणी पर वार्ताएँ; संकलनों में रचनाएँ; विभिन्न पुस्तकों की समीक्षाएँ, भूमिकाएँ।

सम्मान : साहित्य श्री (2018), आर्यावत साहित्य रत्न (2018), हिन्दी सेवी (2018), विकल्प सृजन (2019), चम्बल श्री (2022), साहित्य सौरभ (2022), समरस काव्यशिरोमणि (2022) एवं विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर (2022-23)।

गतिविधियाँ : राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में पत्र वाचन, साहित्यिक कार्यक्रमों में व्याख्यान, महाविद्यालय में साहित्यिक गतिविधियों का संचालन।

संप्रति : प्राचार्य, शहीद हेमराज मीणा राजकीय महाविद्यालय, सांगोद।